गुजरात में IELTS-TOEFL परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़:आणंद में डमी उम्मीदवारों से एग्जाम दिलवाते थे आरोपी, मास्टरमाइंड फरार

Jun 23, 2026 - 06:42
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गुजरात में IELTS-TOEFL परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़:आणंद में डमी उम्मीदवारों से एग्जाम दिलवाते थे आरोपी, मास्टरमाइंड फरार
गुजरात के आणंद जिले में विदेश में पढ़ाई या नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को अवैध तरीके से IELTS और TOEFL जैसी अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी दक्षता परीक्षाएं पास कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तरुणकांत शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल और अर्थ बुंदेला फरार हैं। आणंद जिला साइबर क्राइम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 20 जून को आणंद शहर स्थित एक आर्ट्स कॉलेज की दूसरी मंजिल पर किराए पर लिए गए दो कमरों में छापा मारा। यहां एक निजी कंपनी द्वारा TOEFL, IELTS और अन्य विदेशी भाषा दक्षता परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र संचालित किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि रैकेट के कथित सरगना हर्षद रावल और उसके सहयोगी अर्थ बुंदेला ने करीब छह महीने पहले कॉलेज के साथ समझौता कर यह परिसर किराए पर लिया था। कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा देने आने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित बूथ में बैठाया जाता था, जबकि पास के कमरे में बैठे डमी उम्मीदवार उनके स्थान पर प्रश्नों के उत्तर हल करते थे। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र और दूसरे कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे। HDMI स्प्लिटर एडॉप्टर और कंप्यूटर सिस्टम की मदद से परीक्षा स्क्रीन को दूसरे कमरे में मौजूद कंप्यूटरों पर दिखाया जाता था। इससे डमी परीक्षार्थी वास्तविक समय में सवालों के जवाब देकर उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने में मदद करते थे। पुलिस के अनुसार, असली उम्मीदवार परीक्षा कक्ष में मौजूद रहता था, लेकिन परीक्षा प्रभावी रूप से दूसरे कमरे में बैठा डमी व्यक्ति देता था। वह कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल का कर्मचारी था और परीक्षा केंद्र में काम कर रहा था। करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था रैकेट मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान कंप्यूटर CPU, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3.78 लाख रुपए बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह रैकेट करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था। पुलिस अब जब्त किए गए कंप्यूटरों और मोबाइल फोन के डेटा की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने उम्मीदवारों ने इस तरीके से परीक्षा दी और इसके बदले कितनी रकम वसूली गई।

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