वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिकी बेस में एलियंस के शव होने की अफवाह, बराक ओबामा बोले- एलियंस असली हैं, लेकिन मैंने कभी नहीं देखा

Feb 15, 2026 - 12:18
 0  0
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिकी बेस में एलियंस के शव होने की अफवाह, बराक ओबामा बोले- एलियंस असली हैं, लेकिन मैंने कभी नहीं देखा
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में एलियंस के बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि एलियंस असली हैं, लेकिन उन्होंने खुद उन्हें कभी नहीं देखा है और न ही उन्हें पता है कि वे कहां हैं। यह बयान शनिवार को जारी हुए एक पॉडकास्ट में आया, जहां उन्होंने कमेंटेटर और यूट्यूबर ब्रायन टेलर कोहेन से बातचीत की। जब कोहेन ने उनसे सीधे पूछा कि क्या एलियंस असली हैं, तो ओबामा ने जवाब दिया, "वे असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है।" उन्होंने आगे कहा कि एलियंस को एरिया 51 में नहीं रखा गया है। एरिया 51 नेवादा में स्थित अमेरिकी वायुसेना का एक बेहद गोपनीय बेस है। इस जगह को लेकर अलग-अलग अफवाहें सामने आती रहती है। कुछ लोग मानते हैं कि सरकार यहां एलियन क्राफ्ट और उनके शव छिपाकर रखती है। ओबामा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वहां कोई अंडर ग्राउंड सुविधा नहीं है। उन्होंने यह भी हंसते हुए कहा कि राष्ट्रपति बनते ही उनका सबसे पहला सवाल यही था कि एलियंस कहां हैं? पिछले कुछ सालों में एलियन संपर्क को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। इसकी वजह सरकार के कुछ दस्तावेज और वीडियो रहे, जिनमें रहस्यमयी उड़ने वाली चीजें देखी गईं। करीब 13 साल पहले अमेरिकी वायुसेना के रीपर ड्रोन से ली गई रडार फुटेज लीक हुई थी। इसमें मिडिल ईस्ट के आसमान में अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना (UAP) उड़ते दिखे थे। UAP शब्द अब सरकार की ओर से UFO के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह फुटेज फरवरी की शुरुआत में रिपोर्टर और यूएफओ शोधकर्ता जॉर्ज नैप और जेरेमी कॉर्बेल ने साझा की थी। साल 2021 में अमेरिकी सेनी ने नेवी के तीन अनक्लासिफाइड वीडियो जारी किए थे। इनमें आसमान में अजीब ऑब्जेक्ट तेज रफ्तार से उड़ते दिखे। एक वीडियो में एक UAP हवा के खिलाफ घूमता नजर आया था। ओबामा ने 2021 में “द लेट लेट शो” के होस्ट जेम्स कॉर्डन से बातचीत में भी इस मुद्दे पर इशारा किया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था, “एलियन के मामले में कुछ बातें हैं, जो मैं ऑन एयर नहीं बता सकता।” हालांकि, उसी इंटरव्यू में उन्होंने यह भी माना था कि आसमान में ऐसी चीजों के फुटेज और रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिन्हें लेकर सरकार के पास साफ जवाब नहीं है। उन्होंने कहा था, ‘सच यह है कि आसमान में ऐसी वस्तुओं के फुटेज और रिकॉर्ड हैं, जिनके बारे में हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि वे क्या हैं।’ अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के भारतीय छात्र का शव मिला, छह दिन से लापता था, रूममेट में लिंक्डइन पर जानकारी दी थी अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के 22 वर्षीय भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया का शव बरामद हुआ है। वह 9 फरवरी से लापता थे। सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने रविवार को इसकी पुष्टि की। दूतावास ने X पर पोस्ट कर बताया कि स्थानीय पुलिस ने लापता छात्र का शव मिलने की पुष्टि की है। परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। दूतावास ने यह भी कहा कि वह परिवार को हर जरूरी सहायता देने के लिए तैयार है। इसमें स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और पार्थिव शरीर को भारत भेजने की व्यवस्था शामिल है। दूतावास के अधिकारी परिवार के सीधे संपर्क में हैं और सभी औपचारिकताओं में सहयोग करेंगे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लापता होने से पहले साकेत को बर्कले हिल्स स्थित लेक एंजा के पास आखिरी बार देखा गया था। उनका बैग एक घर के दरवाजे पर मिला था, जिसमें पासपोर्ट और लैपटॉप था। साकेत कर्नाटक के रहने वाले थे। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था और 2025 में ग्रेजुएट हुए थे। इसके बाद वह बर्कले में केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर रहे थे। उनके लापता होने के बाद रूममेट बनीत सिंह ने सोशल मीडिया पर लोगों से जानकारी मांगी थी। उन्होंने लिंक्डइन पर लिखा था कि साकेत 9 फरवरी से लापता हैं और लेक एंजा के पास आखिरी बार देखे गए थे। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि अगर किसी के पास कोई जानकारी हो तो तुरंत संपर्क करें। उन्होंने बताया था कि वे पुलिस के साथ मिलकर उनकी तलाश कर रहे हैं और यह उनके लिए बेहद कठिन समय है। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जर्मनी में ईरान विरोधी रैली, 2.5 लाख लोग जुटे, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी बोले- दुनिया खामोश रही तो और मौतें होंगी जर्मनी के म्यूनिख शहर में शनिवार को ईरान की सरकार के खिलाफ लगभग 2.5 लाख लोगों ने बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की अपील पर हुआ। उन्होंने इसे ग्लोबल डे ऑफ एक्शन बताया और कहा कि ईरान में हालिया प्रदर्शनों के बाद दुनिया को ईरानी लोगों का साथ देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने ड्रम बजाए, परिवर्तन, परिवर्तन, शासन परिवर्तन के नारे लगाए और ईरान के 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले वाले हरे-सफेद-लाल झंडे लहराए, जिन पर शेर और सूरज का चिह्न था। कई लोगों ने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ लिखे लाल कैप पहने थे, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों के MAGA कैप की नकल थे। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी भीड़ को संबोधित किया और ऐसे कैप हाथ में उठाकर फोटो खिंचवाए। प्रदर्शनकारियों ने रेजा पहलवी की तस्वीरें वाली तख्तियां लहराईं। कुछ पोस्टरों में उन्हें राजा कहकर संबोधित किया गया। रेजा पहलवी, ईरान के पूर्व शाह के बेटे हैं और लगभग 50 साल से निर्वासित हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी कि अगर लोकतांत्रिक देश चुप रहे तो ईरान में और मौतें होंगी। उन्होंने कहा, ‘हम ईरान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए इकट्ठा हुए हैं। क्या दुनिया ईरान के लोगों के साथ खड़ी होगी?’ उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार का बचा रहना हर तानाशाह को यह संदेश देता है कि जितने ज्यादा लोगों को मारोगे, उतने समय तक सत्ता में रहोगे। टोरंटो में पुलिस के अनुसार लगभग 3.5 लाख लोगों ने सड़कों पर मार्च किया। साइप्रस के निकोसिया में राष्ट्रपति महल के बाहर भी करीब 500 लोगों ने ईरान सरकार के खिलाफ और पहलवी के समर्थन में प्रदर्शन किया। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले महीने ईरान में हुए प्रदर्शनों में कम से कम 7,005 लोग मारे गए थे। एजेंसी का दावा है कि वह ईरान के अंदर एक्टिविस्ट नेटवर्क के जरिए मौतों की पुष्टि करती है और पहले भी उसके आंकड़े सटीक रहे हैं। वहीं, ईरान सरकार ने 21 जनवरी को जारी अपने आंकड़ों में 3,117 लोगों की मौत की बात कही थी। ईरान की सरकार पर पहले भी अशांति के दौरान मौतों की संख्या कम बताने या सार्वजनिक न करने के आरोप लगते रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0