वर्ल्ड अपडेट्स:कराची के शॉपिंग मॉल में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी, 3 लोगों की मौत, 7 घायल
पाकिस्तान के कराची में शनिवार को एक शॉपिंग मॉल में अचानक भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 7 अन्य लोग घायल हो गए हैं। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। ANI की रिपोर्ट के अुनसार, आग एक दुकान से शुरू होकर पूरे मॉल में फैल गई। मौके पर 7 फायर ब्रिगेड पहुंची, जिन्होंने आग पर काबू पाया। इलाके के सिविल अस्पताल को भी अलर्ट पर रखा गया था। बचावदल ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और राहत-बचाव कार्य में मदद की। सिंध के गवर्नर कमरान टेसोरी ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी। वहीं सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट करने को कहा और जांच के निर्देश दे दिए हैं। एक दिन पहले कराची पोर्ट ट्रस्ट में भी आग लगी थी, जिसमें 20 से ज्यादा कंटेनर जल गए थे। इनमें से ज्यादातर में इलेक्ट्रिक बैटरियां भरी हुई थीं। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सीरिया में अमेरिका का तीसरा हमला, ISIS से जुड़े आतंकी लीडर की मौत अमेरिका ने सीरिया में एक और जवाबी हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक उत्तर-पश्चिम सीरिया में हुए इस हमले में एक आतंकी लीडर मारा गया, जिसका संबंध उस इस्लामिक स्टेट (ISIS) हमले से था, जिसमें पिछले महीने दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। CENTCOM ने बताया कि शुक्रवार को किए गए हवाई हमले में बिलाल हसन अल-जसीम मारा गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वह एक अनुभवी आतंकी ऑपरेटिव था और 13 दिसंबर को हुए हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था। इस हमले में अमेरिकी सेना के सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और सिविलियन इंटरप्रेटर अयाद मंसूर साकत की मौत हुई थी। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान में कहा- तीन अमेरिकियों की मौत से जुड़े आतंकी की हत्या यह दिखाती है कि अमेरिकी सेना पर हमला करने वालों का हम पीछा करना जारी रखेंगे। अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों को निशाना बनाने वालों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। सर्बिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारों छात्रों का प्रदर्शन, सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया नवी साद (सर्बिया) में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे। यूनिवर्सिटी छात्रों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने “चोर-चोर” के नारे लगाते हुए सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि नवंबर 2024 में नवी साद के रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी, उसके पीछे भी सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। इसी घटना के बाद देशभर में आंदोलन तेज हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति वूचिच ने उनकी मांग के बावजूद समय से पहले चुनाव कराने से इनकार कर दिया है। आंदोलन के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई लोगों ने नौकरी जाने या दबाव का सामना करने की बात कही है। ट्रम्प के बयानों के खिलाफ ग्रीनलैंड में हजारों लोग सड़कों पर उतरे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने से जुड़े बयानों के खिलाफ शनिवार को हजारों ग्रीनलैंडवासी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने 'ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है' के नारे लगाए और अपनी स्वशासन व्यवस्था के समर्थन में मार्च किया। बर्फ और बर्फीली सड़कों के बीच प्रदर्शनकारी ग्रीनलैंड की राजधानी नूक के डाउनटाउन से अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय झंडे लहराए और विरोधी पोस्टर थामे रहे। पुलिस के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसमें नूक की लगभग एक-चौथाई आबादी शामिल हुई। प्रदर्शन के दौरान ही खबर आई कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने फरवरी से आठ यूरोपीय देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% टैक्स लगाने की घोषणा की है। यह फैसला उन देशों के ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के विरोध से जोड़ा जा रहा है।
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