वर्ल्ड अपडेट्स:यौन अपराधी एपस्टीन से संबंधों को लेकर सफाई देंगे बिल क्लिंटन, 43 साल में पहली बार गवाही देंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी संसदीय जांच में पेश होने के लिए सहमति जताई है। इससे पहले दंपती ने पेश होने से इनकार कर दिया था। इस वजह से उन्हें आपराधिक अवमानना (क्रिमिनल कंटेम्प्ट) में डालने के लिए वोट किया जाना था। यह विवाद कई महीनों से चल रहा था, जिसमें क्लिंटन दंपती ने कमेटी के कानूनी आदेश को खारिज कर दिया था। कमेटी ने पिछले महीने बिपार्टिसन (विरोधी गुटों का एक साथ मिलकर काम करना) वोट से क्लिंटन को अवमानना में डालने का प्रस्ताव पास किया था, जिसे कुछ डेमोक्रेट्स का भी समर्थन मिला। क्लिंटन दंपति का कहना है कि उन्होंने कमेटी को पहले ही बयान दिए थे और एपस्टीन के बारे में अपनी जानकारी साझा की थी। पहले बिल क्लिंटन ने एपस्टीन के यौन अपराधों की जानकारी होने से इनकार किया था और कहा था कि उन्होंने दो दशक पहले उससे संपर्क तोड़ लिया था। एपस्टीन के निजी जेट के लॉग्स दिखाते हैं कि क्लिंटन ने 2002 और 2003 में चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ली थीं। जस्टिस डिपार्टमेंट के जारी रिकॉर्ड्स में कुछ फोटोज भी हैं, जिनमें क्लिंटन एपस्टीन के एस्टेट में पूल में तैरते हुए और हॉट टब में लेटे हुए दिख रहे हैं। बिल क्लिंटन के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ एंजेल उरेना ने तब कहा था कि ये फोटोज दशकों पुरानी हैं और क्लिंटन ने एपस्टीन के अपराधों के सामने आने से पहले ही उससे संबंध तोड़ लिया था। क्लिंटन पर एपस्टीन के पीड़ितों ने कभी कोई आरोप नहीं लगाया है और वे किसी गलत काम से जुड़े नहीं पाए गए हैं। क्लिंटन दंपति ने पिछले महीने कमेटी के चेयरमैन जेम्स कोमर को पत्र लिखकर उनकी जांच की आलोचना की। 1983 में जेराल्ड फोर्ड की गवाही के बाद यह पहली बार होगा जब कोई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति संसद पैनल के सामने गवाही देंगे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए जल्द बैठक होगी, ट्रम्प ने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए शुक्रवार को तुर्किये में महत्वपूर्ण बैठक होने की उम्मीद है। कई क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनेर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस बैठक में शामिल होंगे। साथ ही तुर्किये, कतर और मिस्र के वरिष्ठ अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है। कुछ सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और पाकिस्तान जैसे अन्य देशों के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बहुत खराब हो चुके हैं। ट्रम्प ने हाल ही में ईरान पर हमले की धमकी दी थी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी जहाजों का एक बड़ा बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और अगर समझौता नहीं हुआ तो बुरे हालात हो सकते हैं। पिछले महीने ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी। ट्रम्प ने तब भी हस्तक्षेप की धमकी दी थी। वे ईरान में शासन परिवर्तन की बात भी कर चुके हैं। ईरान के नेता धमकियों के बीच बातचीत से इनकार कर रहे थे, लेकिन अब वे बात करने के लिए तैयार दिख रहे हैं। ईरानी अधिकारी कह रहे हैं कि उनका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ ऊर्जा के लिए है, हथियारों के लिए नहीं। वे अमेरिका की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार हैं। दुबई की एमिरेट्स एयरलाइन ने इजराइल के लिए फ्लाइट शुरू करने से इनकार किया, 2 साल पहले उड़ाने रोकी थी दुबई की प्रमुख एयरलाइन एमिरेट्स ने सोमवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि वह इजराइल के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन ने साफ किया कि फिलहाल इजराइल के लिए उड़ानें निलंबित हैं और इन्हें बहाल करने की कोई ठोस योजना नहीं है। यह बयान ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि दुबई की यह फ्लैगशिप एयरलाइन आने वाले महीनों में इजराइल के लिए उड़ानें दोबारा शुरू करने पर काम कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इस योजना में देरी हो सकती है या इसे टाल भी दिया जा सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात को भरोसा दिलाया है कि इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर एमिरेट्स के लैंडिंग और टेक-ऑफ स्लॉट सुरक्षित रखे गए हैं। हालांकि, एमिरेट्स ने इस दावे को भी स्वीकार नहीं किया। यह रिपोर्ट इजराइल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव के दुबई दौरे के बाद सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, एमिरेट्स अधिकारियों ने 2026 की पहली तिमाही में यूएई और इजराइल के बीच उड़ानें बहाल करने की इच्छा जताई थी। हालांकि, एमिरेट्स ने दोहराया कि फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। एयरलाइन ने यह भी बताया कि दुबई और इजराइल के बीच यात्रा करने वाले यात्री उसकी कोडशेयर पार्टनर फ्लाई दुबई के जरिए सफर कर सकते हैं, जो इजराइल के लिए सीधी उड़ानें जारी रखे हुए है। दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन मानी जाने वाली एमिरेट्स ने अक्टूबर 2023 में मिडिल ईस्ट में संघर्षों के चलते इजराइल के लिए सभी उड़ानें रोक दी थीं। अमेरिका-चीन के बीच फंसा भारत:अब कम ताकतवर देशों से बढ़ा रहा दोस्ती, ट्रम्प के टैरिफ से बदली भारत की विदेश और व्यापार नीति कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से कहा था कि दुनिया की पुरानी व्यवस्था ‘टूट’ रही है। अब मध्यम ताकत वाले देशों को साथ लाकर काम करना होगा। दावोस में अपने भाषण में कार्नी ने न तो ट्रम्प प्रशासन का नाम लिया और न ही उन अमेरिकी टैरिफ का जिक्र किया, जिनकी वजह से पुराना ग्लोबल सिस्टम हिल गया। अपने भाषण में उन्होंने सीधे तौर पर भले ही भारत का नाम न लिया हो, लेकिन इशारा साफ तौर पर भारत की तरफ था। पूरी खबर पढ़ें…
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