सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड केस में याचिका खारिज की:कहा- अमीर लोग केस दर्ज होने पर कानून को चुनौती देने लगते हैं

Jan 7, 2026 - 11:17
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सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड केस में याचिका खारिज की:कहा- अमीर लोग केस दर्ज होने पर कानून को चुनौती देने लगते हैं
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका पर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने इसे ट्रायल से बचने की कोशिश बताया और याचिका खारिज कर दी। खेतान ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की एक धारा को चुनौती दी थी। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा- यह नया चलन बन गया है कि अमीर आरोपी ट्रायल का सामना करने के बजाय कानून की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने लगते हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोग सोचते हैं कि वे सिस्टम को बायपास कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्हें आम नागरिक की तरह ट्रायल का सामना करना चाहिए। सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा ने दलील में कहा कि यह याचिका किसी विशेषाधिकार के लिए नहीं, बल्कि पहले से लंबित विजय मदनलाल चौधरी केस की समीक्षा याचिकाओं से जुड़ी है, लेकिन कोर्ट ने इसे मानने से इनकार कर दिया। तारीखों में अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला 1999-2005: भारत सरकार ने VVIP यात्राओं के लिए नए हेलीकॉप्टरों की जरूरत बताई। शुरुआती तकनीकी शर्तें तय हुईं, जिनमें ऊंचाई (Altitude) और केबिन हाइट जैसे मानक शामिल थे। 2006-2009: टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप लगे कि तकनीकी शर्तों में बदलाव किए गए ताकि कुछ कंपनियां खासकर AgustaWestland पात्र हो सकें। फरवरी 2010: भारत सरकार और अगस्ता वेस्टलैंड के बीच 12 AW-101 VVIP हेलीकॉप्टर खरीदने का करार। सौदे की कीमत करीब ₹3,600 करोड़। 2011-2012: तीन हेलीकॉप्टर भारत पहुंचे। भुगतान की प्रक्रिया जारी रही। फरवरी 2013: इटली की अदालत में सुनवाई के दौरान खुलासा कि सौदे के लिए करीब €51 मिलियन (लगभग ₹350 करोड़) की रिश्वत दी गई। मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया। मार्च-दिसंबर 2013: भारत में CBI और ED ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सौदे में बिचौलियों और पूर्व वायुसेना अधिकारियों की भूमिका की जांच तेज हुई। जनवरी 2014: भारत सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड सौदा रद्द किया। कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया। मिले हुए हेलीकॉप्टर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। 2014-2015: इटली की निचली अदालत में कुछ आरोपियों को सजा, बाद में ऊपरी अदालत में फैसले बदले। भारत में जांच एजेंसियों ने चार्जशीट दाखिल की। 2016-2017: कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल जांच के केंद्र में आया। प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज हुईं। दिसंबर 2018: क्रिश्चियन मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। उनसे CBI और ED ने पूछताछ की। 2019-2022: मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में अदालती सुनवाई जारी। कुछ मामलों में जमानत, कुछ में हिरासत बढ़ी। 2023-2026: केस अलग-अलग अदालतों में पेंडिंग। न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अगस्ता वेस्टलैंड केस: क्रिश्चियन मिशेल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में रिहा करने का आदेश 20 दिसंबर 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू की स्पेशल जज कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। क्रिश्चियन इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। क्रिश्चियन ने कोर्ट में दलील दी थी कि उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में पहले ही 7 साल की अधिकतम सजा के बराबर समय जेल में बिताया हैं। इसलिए उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए। आदेश के बाद क्रिश्चियन मिशेल ने कहा था कि भारत में कुछ अच्छे जज हैं। मैं कोर्ट के आदेश से संतुष्ट हूं। हालांकि क्रिश्चियन को जेल से रिहा नहीं किया गया है क्योंकि वे इस केस से जुड़े CBI मामले में हिरासत में रहेगा। क्रिश्चियन की इस मामले में भी याचिका पेंडिंग है। …………………….. सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CJI बोले– कार स्टेटस सिंबल, इसे रोक नहीं सकते: लोग पैसा बचाकर कार खरीदते हैं; वकील ने कहा था– कारों पर रोक लगाकर प्रदूषण रोकें सुप्रीम कोर्ट में 6 जनवरी को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा- कार एक स्टेटस सिंबल बन गया है। इसे नहीं रोक सकते। लोग कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं। लोगों ने साइकिल का इस्तेमाल बंद कर दिया है। CJI ने यह कमेंट सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील राकेश द्विवेदी के सुझाव पर किया। पूरी खबर पढ़ें…

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