वन नेशन-वन इलेक्शन पर दिल्ली सरकार देगी सुझाव:प्रशासनिक प्रभाव पर मंथन, सीएम रेखा गुप्ता ने जेपीसी प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत

Jul 2, 2026 - 00:15
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वन नेशन-वन इलेक्शन पर दिल्ली सरकार देगी सुझाव:प्रशासनिक प्रभाव पर मंथन, सीएम रेखा गुप्ता ने जेपीसी प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में ‘वन नेशन- वन इलेक्शन’ से जुड़े दो संशोधन विधेयकों के अध्ययन के लिए आए संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया। समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के विभिन्न प्रावधानों पर राज्यों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए दिल्ली दौरे पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुशासित और प्रशासनिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्यों के सुझाव लेने की यह पहल स्वागतयोग्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस विषय पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विस्तृत अध्ययन कर समिति को अपने लिखित सुझाव सौंपेगी। समिति के अध्यक्ष एवं सांसद पी.पी. चौधरी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधि मंडल में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, सांसद विष्णु दयाल राम, भर्तृहरि महताब, डॉ. संबित पात्रा सहित अन्य सदस्य शामिल थे। संवैधानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा बैठक में संविधान संशोधन से जुड़े विधिक, संवैधानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें लोकसभा और विधानसभा चुनावों के समन्वय, चुनावी चक्र के एकीकरण, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार अधिनियम पर संभावित प्रभाव तथा प्रशासनिक तैयारियों जैसे विषय प्रमुख रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार इससे समय, संसाधनों और सरकारी खर्च में उल्लेखनीय बचत होगी। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों के कारण प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है, जबकि आचार संहिता लागू होने से विकास परियोजनाओं की गति भी प्रभावित होती है। दिल्ली सरकार प्रस्तुत करेगी अपने सुझाव : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जैसे छोटे राज्य में चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से शिक्षा सहित कई सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली देश का ऐसा महानगर है, जहां लगभग सभी राज्यों के नागरिक रहते हैं। ऐसे में यहां के चुनावी व्यवहार और मतदान संबंधी अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण संदर्भ प्रदान कर सकते हैं। रेखा गुप्ता ने समिति को आश्वस्त किया कि मांगे गए सभी विषयों पर विस्तृत अध्ययन के बाद दिल्ली सरकार अपने औपचारिक सुझाव प्रस्तुत करेगी, ताकि अंतिम अनुशंसाओं में दिल्ली की संवैधानिक और प्रशासनिक परिस्थितियों का समुचित ध्यान रखा जा सके।

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