दक्षिण कोरिया की महारानी हो ह्वांग-ओक (Queen Heo Hwang-ok) की कांस्य प्रतिमा का अनावरण
रामनगरी अयोध्या में दक्षिण कोरिया की महारानी हो ह्वांग-ओक (Queen Heo Hwang-ok) की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह प्रतिमा सरयू नदी के तट पर स्थित क्वीन हो मेमोरियल पार्क ( इंडो-कोरियन पार्क) में स्थापित की गई है।
मुख्य विवरण:
प्रतिमा की ऊंचाई: लगभग 12 फीट , वजन करीब 1300 किलो।
सामग्री: विशेष कोरियाई धातु से बनी कांस्य प्रतिमा।
अनावरण:
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने किया।
कोरियाई प्रतिनिधिमंडल के आने की योजना थी, लेकिन मौसम खराब होने से फ्लाइट रद्द हो गई।
इसी के साथ इंडो-कोरियन क्रिसमस फेस्ट या मेले का भी शुभारंभ हुआ।
पृष्ठभूमि:
महारानी हो और अयोध्या का संबंध यह एक प्राचीन कोरियाई किंवदंती पर आधारित है, जो 13वीं शताब्दी के ग्रंथ समगुक युसा में वर्णित है:अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना लगभग 48 ईस्वी में समुद्री मार्ग से कोरिया पहुंचीं।वहां उन्होंने राजा किम सूरो (King Kim Suro) से विवाह किया और महारानी हो ह्वांग-ओक बनीं।वे करक वंश (Karak Clan) की जननी मानी जाती हैं, और दक्षिण कोरिया में लाखों लोग खुद को उनके वंशज मानते हैं।यह संबंध भारत-कोरिया के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। अयोध्या में 2001 से एक स्मारक है, जिसे बाद में विकसित किया गया।
यह घटना भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती है। पार्क अब पर्यटकों के लिए खुल गया है।
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