वर्ल्ड अपडेट्स:चीन का सीक्रेट प्रोजेक्ट- सेमीकंडक्टर चिप मशीन का प्रोटोटाइप बनाया; यह इंसान के बाल से हजारों गुना पतले

Dec 18, 2025 - 11:26
 0  0
वर्ल्ड अपडेट्स:चीन का सीक्रेट प्रोजेक्ट- सेमीकंडक्टर चिप मशीन का प्रोटोटाइप बनाया; यह इंसान के बाल से हजारों गुना पतले
चीन ने उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीक की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बेहद गोपनीय प्रोजेक्ट के तहत शेनझेन की एक हाई-सिक्योरिटी लैब में चीनी वैज्ञानिकों ने ऐसी मशीन का प्रोटोटाइप तैयार किया है, जो एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने में सक्षम मानी जा रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोटोटाइप 2025 की शुरुआत में पूरा हुआ और फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है। यह मशीन पूरी फैक्ट्री फ्लोर जितनी बड़ी है और इसे ASML के पूर्व इंजीनियर्स की एक टीम ने तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टीम ने डच कंपनी ASML की एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी (EUV) मशीनों को रिवर्स इंजीनियरिंग के जरिए समझकर यह प्रोटोटाइप बनाया। EUV तकनीक चिप्स पर बेहद बारीक सर्किट बनाती है, जो इंसान के बाल से हजारों गुना पतले होते हैं। अब तक यह तकनीक सिर्फ पश्चिमी देशों के पास थी। चीन का यह प्रोटोटाइप EUV लाइट तो पैदा कर पा रहा है, लेकिन अभी पूरी तरह काम करने वाली चिप्स नहीं बना सका है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता योजना का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत करीब छह साल पहले हुई थी। इस गोपनीय प्रोजेक्ट को चीन का ‘मैनहट्टन प्रोजेक्ट’ भी कहा जा रहा है। अभी अमेरिका चीन को उन्नत चिप्स देकर उसकी टेक्नोलॉजी और मिलिट्री पावर को नियंत्रित रखता है। अगर चीन खुद बना लेगा, तो अमेरिका की 'टेक कोल्ड वॉर' की रणनीति कमजोर हो जाएगी। चीन की मिलिट्री (मिसाइल, ड्रोन, AI हथियार) बहुत मजबूत हो सकती है, जिससे ताइवान या दक्षिण चीन सागर जैसे इलाकों में तनाव बढ़ सकता है। EUV सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने की सबसे उन्नत मशीन है, जो दुनिया की सबसे छोटी और पावरफुल चिप्स (जैसे 7nm, 5nm, 3nm) बनाने में इस्तेमाल होती है। ये चिप्स स्मार्टफोन, कंप्यूटर, AI सिस्टम और मिलिट्री हथियारों को शक्तिशाली बनाती हैं। यह एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लाइट (EUV लाइट) का इस्तेमाल करती है, जो बहुत छोटी वेवलेंथ (13.5 नेनोमीटर) वाली होती है। इस लाइट से सिलिकॉन वेफर पर बेहद बारीक सर्किट पैटर्न बनाए जाते हैं। ASML दुनिया की एकमात्र कंपनी है जो EUV मशीनें बनाती है, जिनकी कीमत करीब 250 मिलियन डॉलर होती है। अमेरिका ने 2018 से नीदरलैंड्स पर दबाव बनाकर चीन को ये मशीनें बेचने पर रोक लगवाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रोजेक्ट की गोपनीयता बेहद सख्त है। इसमें शामिल इंजीनियर्स को फर्जी नामों से आईडी कार्ड दिए गए और आपसी पहचान भी दूसरे नामों से कराई गई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें... ट्रम्प बोले- 'टैरिफ' मेरा फेवरेट अंग्रेजी शब्द: इसकी मदद से 8 जंग रुकवाईं; अमेरिका ने उम्मीद से ज्यादा पैसा कमाया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कहा है कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 10 महीनों में दुनिया भर में 8 युद्धों को रोका। उन्होंने इस सफलता का कारण उनकी टैरिफ नीति को बताया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने टैरिफ को अंग्रेजी का अपना सबसे पसंदीदा शब्द बताया और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता छोड़ते समय उन्हें एक बड़ा संकट सौंपा था। ट्रम्प ने अपने संबोधन में 2026 के लिए अपनी सरकार की योजनाएं पेश कीं और दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी ताकत को बहाल किया है, 10 महीनों में 8 युद्ध सुलझाए हैं, ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया है और गाजा में युद्ध समाप्त करके 3000 साल बाद पहली बार शांति लाए हैं। साथ ही सभी इजराइली बंधकों को मुक्त कराया। ट्रम्प ने महंगाई के मुद्दे को नजरअंदाज करते हुए जोर दिया कि कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील और भारत सहित कई देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि टैरिफ की वजह से अमेरिका ने अपेक्षा से ज्यादा पैसा कमाया है और इस साल पास किए गए रिपब्लिकन पार्टी के बड़े टैक्स कट बिल ने इसमें मदद की है। ट्रम्प का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब उनकी व्यापार नीतियां वैश्विक स्तर पर विवाद का कारण बनी हुई हैं, लेकिन वे अपनी उपलब्धियों को लगातार उजागर कर रहे हैं। ---------------------------- 17 दिसंबर के अपडेट्स यहां पढ़ें...

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0