क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को बाल पुरस्कार:सरवण ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की सेवा की, ब्योमा ने एक को बचाने में जान गंवाई

Dec 27, 2025 - 10:45
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क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को बाल पुरस्कार:सरवण ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की सेवा की, ब्योमा ने एक को बचाने में जान गंवाई
वीर बाल दिवस पर शुक्रवार को 20 बच्चों को 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिए। अलग-अलग क्षेत्र में बेहतरीन और बहादुरी के कामों की वजह से इन बच्चों को 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुना गया। 14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी इनमें शामिल हैं। दिल्ली जाने की वजह से वे विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल सके। 20 बच्चों में से 2 बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया। तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार का पुरस्कार उनके माता-पिता ने लिया। पीएम मोदी ने भी विजेता बच्चों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जेन जी और जेन अल्फा ही हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे। वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के 4 बेटों की शहादत के सम्मान में मनाते हैं। गुरु गोविंद सिंह के तीन पत्नियों से चार बेटे थे, जिनका नाम अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह था। इन्हें साहिबजादे भी कहा जाता है। 26 दिसंबर 1705 को चारों बेटों की मुगल सेना ने हत्या कर दी थी। उनकी शहादत का सम्मान करने के लिए PM मोदी ने 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। चार बच्चों को वीरता पुरस्कार, 2 को मरणोपरांत अजय राज उत्तरप्रदेश के 9 साल के अजय राज को साहस के लिए अवॉर्ड दिया गया। आगरा के अजय ने अपने पिता को मगरमच्छ की पकड़ से बचाया था। उन्होंने लकड़ी से वार कर मगरमच्छ को मारा था। मोहम्मद सिद्दान केरल के मोहम्मद सिद्दान ने अपने 2 दोस्तों की जान बचाई थी। पलक्कड़ के 11 साल के सिद्दान के दोस्तों को करंट लग गया था। उन्होंने लकड़ी की मदद से उनकी जान बचाई। व्योमा प्रिया (मरणोपरांत) तमिलनाडु की 8 साल की व्योमा ने बच्चों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी। व्योमा की मां अर्चना ने बताया कि मैं अपनी बेटी व्योमा प्रिया की तरफ से यह बहादुरी का अवॉर्ड ले रही हूं। कमलेश कुमार (मरणोपरांत) दुर्गावती नदी में एक दूसरे बच्चे के बह जाने पर उसकी जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी में कूद गए। इसमें उनकी जान चली गई। पुरस्कार उनके पिता दुखी शाह ने लिया। वीर बाल पुरस्कार से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए...

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