दिल्ली मेट्रो के फेज 5 (A) को सरकार की मंजूरी:13 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे, दिल्ली-NCR में नेटवर्क 400 किमी पार होगा; केंद्रीय कैबिनेट बैठक में फैसला

Dec 25, 2025 - 13:34
 0  0
दिल्ली मेट्रो के फेज 5 (A) को सरकार की मंजूरी:13 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे, दिल्ली-NCR में नेटवर्क 400 किमी पार होगा; केंद्रीय कैबिनेट बैठक में फैसला
दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दिल्ली-NCR में मेट्रो के विस्तार के दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को सरकार ने मंजूरी दी है। इसके लिए ₹12015 करोड़ की लागत आएगी। दिल्ली मेट्रो के फेज 5A में 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। 16 किमी की नई लाइन डाली जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली-NCR में मेट्रो का रूट 400 किमी के पार हो जाएगा। फेज-5A का निर्माण 3 साल में पूरा होगा। ज्यादातर काम अंडरग्राउंड होगा। वैष्णव ने बताया कि निर्माण में टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल होगा, जिससे ट्रैफिक पर कम असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो में रोजाना औसतन 65 लाख लोग सफर करते हैं। पीक दिनों में यह संख्या 80 लाख तक पहुंच जाती है। किन मार्गों का विस्तार किया जाएगा? दिल्ली मेट्रो का विस्तार तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक, रामकृष्ण आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक और एयरोसिटी से टर्मिनल 1 तक किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो के चरण 5ए परियोजना के तहत तीन नए कॉरिडोर बनाए गए हैं। 1. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी) 2. एयरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टी-1 (2.263 किमी) 3. तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी)। 12 दिसंबर: डिजिटल जनगणना के लिए ₹11,718.24 करोड़ मंजूर 12 दिसंबर को भी कैबिनेट की बैठक हुई थी। वैष्णव ने बताया कि देश में 2027 में पहली बार जनगणना डिजिटली होगी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग में इसके लिए 11,718.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इसके मुताबिक एक व्यक्ति की जनगणना पर सरकार के करीब 97 रुपए खर्च होंगे। दरअसल 2011 की जनगणना में भारत की आबादी लगभग 121 करोड़ थी। अगर इसे आधार माना जाए तो 1 व्यक्ति की गणना करने में करीब 97 रुपए खर्चा (11,718.24 करोड़ रुपए/121 करोड़ आबादी) आएगा। अगर 150 करोड़ अनुमानित जनसंख्या मानी जाए तो प्रति व्यक्ति 78 रुपए खर्च होगा। पूरी खबर पढ़ें... 26 नवंबर: पुणे मेट्रो का विस्तार होगा, परमानेंट मैग्नेट इंडस्ट्री के लिए ₹7280 करोड़ की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 4 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 9858 करोड़ रुपए से पुणे मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। वहीं रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने वाली इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए 7280 करोड़ रुपए की योजना लाई गई है। ये मैग्नेट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), डिफेंस, एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में जरूरी होते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 12 अगस्त: 4 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 4,594 करोड़ रुपए निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें कुल 18,541 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बैठक में 4 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा था कि 6 प्रोजेक्ट्स पहले से ही स्वीकृत हैं और आज 4 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इसके तहत ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पंजाब में प्लांट्स लगाए जाएंगे, जिसके लिए 4,594 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 8 अगस्त- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी मिलती रहेगी, 5 फैसले इससे पहले पीएम मोदी की अध्यक्षता में 8 अगस्त को कैबिनेट बैठक हुई थी। वैष्णव ने बताया था कि कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने बताया था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 2025-26 में भी सब्सिडी दी जाएगी, जिसके लिए ₹12,060 करोड़ मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना को समावेशी विकास (सबके लिए विकास) के लिए वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। पूरी खबर पढ़ें... 31 जुलाई- बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए इससे पहले 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था, 'मोदी कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें 2 किसानों और फूड सेक्टर से जुड़े हैं। वहीं चार फैसले नॉर्थ-ईस्टर्न सेक्टर में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हैं। ............................. ये खबर भी पढ़ें... सरकार बोली- ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग ऑफिशियल नहीं, WHO सिर्फ सलाह देता है भारत सरकार ने संसद में बताया कि दुनिया में कई संगठन जो एयर क्वालिटी (हवा की गुणवत्ता) की रैंकिंग देते हैं। यह कोई ऑफिशियल रैंकिंग नहीं होती। WHO की एयर क्वालिटी गाइडलाइंस सिर्फ सलाह है। कोई देश उन नियमों को मानने के लिए बाध्य नहीं है। हर देश को अपनी जरूरत, भौगोलिक स्थिति और परिस्थिति के हिसाब से अपने मानक बनाने होते हैं। पूरी खबर पढ़ें...

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0