भास्कर अपडेट्स:संविधान विशेषज्ञ पद्म भूषण डॉ. सुभाष कश्यप का निधन, 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं

Jun 4, 2026 - 14:58
 0  2
भास्कर अपडेट्स:संविधान विशेषज्ञ पद्म भूषण डॉ. सुभाष कश्यप का निधन, 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं
पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष सी. कश्यप (97) का गुरुवार को निधन हो गया। वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ थे।उन्होंने 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘आवर पार्लियामेंट’ और ‘आवर कॉन्स्टिट्यूशन’ जैसी पुस्तकें शामिल हैं। वे 1953 में संसद सचिवालय से जुड़े और वर्ष 1983 से 1990 तक लोकसभा के महासचिव रहे। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के प्रथम लोकसभा काल से लेकर नौवीं लोकसभा तक, 37 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय संसद की सेवा की। वर्ष 1929 में संयुक्त प्रांत (वर्तमान उत्तर प्रदेश) के बिजनौर जिले के चांदपुर में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार में जन्मे डॉ. कश्यप ने किशोरावस्था में ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने पहले बिजनौर और बाद में मेरठ में छात्र आंदोलनों का नेतृत्व किया। आज की अन्य बड़ी खबरें… हैदराबाद के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आग लगी, फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची हैदराबाद के अमीरपेट इलाके में मैत्रीवनम के पास एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में गुरुवार दोपहर आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग तेजी से फैलते हुए केएसआर फैशन स्टोर और पास के हर्षा मेस परिसर तक फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अमरनाथ यात्रा में नहीं मिलेगी हेलिकॉप्टर सेवा, पूरा मार्ग नो-फ्लाइंग जोन रहेगा श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर अहम फैसला लिया है। श्राइन बोर्ड की एडवाइजरी के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से इस साल भी पूरे यात्रा मार्ग को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों सहित यात्रा के सभी रूट 1 जुलाई, 2026 से यात्रा संपन्न होने तक नो फ्लाइंग जोन रहेंगे। यात्रा क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। श्रद्धालु पैदल यात्रा या पालकी व घोड़े की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। NIA ने पश्चिम बंगाल भांगर विस्फोट मामले में 9 जगहों पर छापेमारी की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के भांगर विस्फोट मामले में 9 स्थानों पर छापेमारी की। NIA ने 26 अप्रैल को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले कोलकाता पुलिस ने साउथ 24 परगना जिले से 79 देसी बम और अन्य सामग्री बरामद की थी। यह मामला 25 अप्रैल को उत्तर काशीपुर थाना में दर्ज किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में बड़ी मात्रा में देसी बम और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री छिपाकर रखी गई है। गृह मंत्रालय ने मामले में संभावित आतंकी एंगल और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर को देखते हुए NIA को जांच सौंपी थी। दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में आज आ सकता है कोर्ट का फैसला 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में गुरुवार को अदालत फैसला सुना सकती है। इस मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 लोग आरोपी हैं। अंकित शर्मा का शव फरवरी 2020 में दिल्ली के खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। उनके पिता ने ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। मार्च 2023 में अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुन चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा है। फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन के बीच दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। मुंबई में 22 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, घटनास्थल से सिर्फ 9 किमी दूर रह रहा था मुंबई पुलिस ने 22 साल से फरार चल रहे राजेंद्र शिंदे नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार रोकथाम अधिनियम (PITA) के तहत मामला दर्ज था। मजगांव कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी विले पार्ले इलाके में रह रहा है। निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि वह उस ओशिवारा इलाके से केवल 9 किलोमीटर दूर रह रहा था, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। अरावली की परिभाषा की जांच के लिए समिति गठित सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमांकन पर केंद्र की रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय 5 सदस्यीय समिति गठित की है। भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपेंगी। समिति यह जांचेगी कि दो पहाड़ियों के बीच 500 मी. की वर्तमान परिभाषा संरक्षित क्षेत्रों के दायरे को काफी कम तो नहीं कर देगी?

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0