वर्ल्ड अपडेट्स:ऑस्ट्रेलिया के बीच पर हमला करने वाले बाप-बेटे ने सीक्रेट जगह ट्रेनिंग ली थी, गोलीबारी से पहले 4 देसी बम फेंके थे
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर को हुए आतंकी हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, इस हमले के आरोपी बाप-बेटे ने एक गांव के सीक्रेट इलाके में बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ली थी। दस्तावेज में बताया गया है कि 50 साल के साजिद अकरम और उनके 24 साल के बेटे नवीद अकरम का एक वीडियो मिला है। इस वीडियो में दोनों राइफल और शॉटगन पकड़े हुए नजर आते हैं और ऐसे तरीके से चलते दिखते हैं जैसे किसी खास तरह की ट्रेनिंग ले रहे हों। कोर्ट के मुताबिक, दोनों वीडियो में गोली चलाते और रणनीति के साथ आगे बढ़ते दिखते हैं। बॉन्डी बीच पर उस समय हमला हुआ था जब वहां यहूदी परिवार हनुक्का का त्योहार मना रहे थे। तभी अचानक गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। पुलिस ने मौके पर ही साजिद अकरम को मार गिराया था। उनके बेटे नवीद को गिरफ्तार कर लिया गया और अब उस पर आतंकवाद का मामला, 15 लोगों की हत्या और 40 लोगों की हत्या की कोशिश के आरोप लगे हैं। कोर्ट के कागजों में यह भी कहा गया है कि गोली चलाने से ठीक पहले पिता और बेटे ने भीड़ की ओर चार देसी बम फेंके थे, लेकिन किस्मत से वे फटे नहीं। इनमें तीन पाइप बम और एक टेनिस बॉल में रखा बम बताया गया है। जांच में सामने आया है कि ये सभी बम फट सकते थे। इसके अलावा, जिस गाड़ी से वे हमले के लिए आए थे उसकी डिक्की में एक और संदिग्ध बम रखा हुआ था। जांच एजेंसियों को कुछ वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें दोनों ने खुद रिकॉर्ड किया था। इन वीडियो में वे धार्मिक कट्टर सोच से जुड़ी बातें करते दिखते हैं। एक वीडियो में वे इस्लामिक स्टेट के झंडे की तस्वीर के सामने खड़े होकर बयान देते हैं और अपने हमले को सही ठहराने की कोशिश करते नजर आते हैं। कोर्ट का कहना है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि पिता और बेटे ने इस आतंकी हमले की कई महीनों तक बहुत सोच-समझकर योजना बनाई थी। उन्होंने पहले ट्रेनिंग ली, हथियार और बम जुटाए और फिर मौका देखकर इस हमले को अंजाम दिया। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें... इंडोनेशिया में बस एक्सीडेंट में 15 लोगों की मौत, 34 लोग सवार थे इंडोनेशिया के जावा आइलैंड पर आधी रात के बाद एक पैसेंजर बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बस में कुल 34 लोग सवार थे। ड्राइवर टोल रोड पर बस से कंट्रोल खो बैठा, जिसके बाद बस एक कंक्रीट की दीवार से टकराई, फिर पलटकर सड़क किनारे गिर गई। रेस्क्यू एजेंसी के प्रमुख बुडियोनों ने बताया कि यह इंटर स्टेट बस राजधानी जकार्ता से देश के ऐतिहासिक शहर योग्या जा रही थी। हादसा होते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मुनीर बोले- भारत से जंग में अल्लाह की मदद मिली:नहीं तो हालात बिगड़ जाते; मई में भारत ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस तबाह किए थे पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भारत के साथ मई में हुए सैन्य संघर्ष में अल्लाह की मदद मिलने का दावा किया। उन्होंने कहा कि हमने इसे महसूस किया, जिसकी वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ने से बच गए। मुनीर ने यह बयान 10 दिसंबर को इस्लामाबाद में हुई नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस में दिया। उनके भाषण के वीडियो क्लिप रविवार को लोकल टीवी चैनलों पर दिखाए गए। भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। पढ़ें पूरी खबर... एपस्टीन सेक्स स्कैंडल फाइल्स में ट्रम्प की फोटो फिर अपलोड:इसमें मेलानिया ट्रम्प की भी तस्वीर; सरकार ने कल 16 फाइलें वेबसाइट से हटाईं थीं अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में शामिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो को फिर से जारी कर दिया है। इसमें मेलानिया ट्रम्प की भी तस्वीर है। डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस फोटो में एपस्टीन मामले के किसी भी पीड़ित को नहीं दिखाया गया है। न्यूयॉर्क के सरकारी वकीलों ने पहले इस तस्वीर पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इससे पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा हो सकता था। इसलिए एहतियात के तौर पर इस तस्वीर समेत कुल 16 फाइलों को कल वेबसाइट से हटा दिया गया था। जांच के बाद ऐसा कोई खतरा नहीं मिला, इसलिए फोटो को बिना किसी बदलाव के दोबारा जारी कर दिया गया। इससे पहले CNN ने बताया था कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में से कई फाइलें वेबसाइट से हटा दी गई थीं। इनमें ट्रम्प की यह फोटो भी शामिल थी। कुछ अन्य फाइलों में आपत्तिजनक तस्वीरें और नोट्स थे। पढ़ें पूरी खबर... भारत में बांग्लादेश हाईकमीशन के बाहर प्रदर्शन:हिंदू युवक की हत्या का विरोध, विदेश मंत्रालय बोला- प्रदर्शन शांतिपूर्ण; ढाका ने कहा- हकीकत कुछ और भारत की राजधानी नई दिल्ली में बांग्लादेश हाई-कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के विरोध में किया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि यह प्रदर्शन बेहद छोटा और शांतिपूर्ण था। इससे बांग्लादेश उच्चायोग की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर बांग्लादेश के कुछ मीडिया संस्थानों में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। हकीकत यह है कि प्रदर्शन में सिर्फ 20 से 25 युवा शामिल थे। बांग्लादेश ने भारत के इस बयान को खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति इससे कहीं ज्यादा गंभीर थी। ढाका ने कहा कि इस घटना को भ्रामक प्रचार कहना ठीक नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0