सेहत से खिलवाड़ या सिस्टम की मिलीभगत? सचिन के राधा कृष्ण डेयरी मामला गरमाया
सेहत से खिलवाड़ या सिस्टम की मिलीभगत? सचिन के राधा कृष्ण डेयरी मामला गरमाया
सवाल सीधा है — जनता की जान बड़ी या सिस्टम की सेटिंग?
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• सचिन में मौत का कारोबार? ज़हरीले जूस से बीमार बच्चे, सिस्टम कटघरे में
• सूरत के सचिन में सवाल सिर्फ़ एक दुकान का नहीं है, सवाल पूरे सिस्टम का है।
सचिन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सुडा सेक्टर–1 में स्थित राधा कृष्ण डेयरी के बादाम शेक ने ऐसा हड़कंप मचाया कि कई लोग बीमार हो गए — और 22 दिसंबर को जूस पीने वाली बच्ची आज भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है।यह कोई छोटी लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान के साथ खुला खिलवाड़ है।
बच्ची के पिता का दर्द कैमरे के सामने छलक पड़ा। उनका साफ़ कहना है—
> “अगर आज मेरी बच्ची को कुछ हो जाता, तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेता? ऐसे दुकानदारों पर बिना दबाव और बिना स्वार्थ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती।बीमार हुए अन्य लोगों ने और भी सनसनीख़ेज़ आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय SMC के कुछ कर्मचारियों और डेयरी संचालक के कथित दलालों की मिलीभगत से दुकान दोबारा खुलवाने की कोशिशें चल रही हैं।
सवाल सीधा है—
👉 क्या जनता की सेहत से ज़्यादा “सेटिंग” ज़रूरी हो गई है?
👉 क्या नियम सिर्फ़ आम आदमी के लिए हैं?
पीड़ितों की प्रशासन से खुली अपील है—
> “आप जिन पदों पर बैठे हैं, वहाँ जनता को आप पर भरोसा है। उस भरोसे को सौदेबाज़ी में मत बदलिए। आज अगर सख़्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कल कोई और बच्चा बीमार पड़ेगा।”
सूचना मिलते ही सचिन पुलिस ने डेयरी संचालक को हिरासत में लिया है और जांच जारी है,
लेकिन बड़ा सवाल अब भी खड़ा है—
❓ क्या सिर्फ़ हिरासत काफी है?
❓ क्या मिलावट, घटिया सामग्री और ज़हरीले खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर स्थायी कार्रवाई होगी?
यह मामला सिर्फ़ राधा कृष्ण डेयरी तक सीमित नहीं है,यह हर उस दुकान की चेतावनी है जो मुनाफ़े के लिए सेहत से समझौता करती है।
अब निगाहें प्रशासन पर हैं।
क्योंकि आज अगर कार्रवाई ढीली पड़ी—
तो कल सचिन ही नहीं, पूरा सूरत इसकी क़ीमत चुकाएगा।
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