AI से सीखा नकली शराब बनाने का तरीका, पुरानी बोतलों में भरकर लाइसेंसी दुकानों तक पहुंचाई! देवास में 13 मौतों के बाद बड़ा खुलासा
Man Allegedly Used AI to Learn Fake Liquor Production; 13 Deaths in Dewas Trigger Major Police Investigation
AI से सीखा नकली शराब बनाने का तरीका, पुरानी बोतलों में भरकर लाइसेंसी दुकानों तक पहुंचाई! देवास में 13 मौतों के बाद बड़ा खुलासा
मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब से हुई 13 मौतों के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय अजय राठौर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से घर पर नकली शराब तैयार करने का तरीका खोजा और फिर इसे बेचने का नेटवर्क खड़ा किया। चंदाना और बिंजाना गांवों में लोगों की संदिग्ध मौतों के बाद पुलिस ने इस अवैध कारोबार की जांच तेज की थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने इंदौर की एक निजी फर्म के माध्यम से केमिकल मंगवाए और कबाड़ियों से खाली शराब की बोतलें हासिल कीं। आरोप है कि इन बोतलों में नकली शराब भरकर उन्हें असली ब्रांड की बोतलों जैसा रूप दिया गया। पुलिस का दावा है कि नकली शराब को असली शराब की पेटियों में मिलाकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया गया। इस कथित कारोबार में अन्य लोगों ने भी सहयोग किया।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में तीन लाइसेंसी शराब दुकानों से जुड़े दो मैनेजर और दो सेल्समैन भी शामिल बताए गए हैं। जांच में आरोप है कि इन लोगों ने शराब की अवैध सप्लाई में मदद की। पुलिस ने केमिकल सप्लाई से जुड़े इंदौर के एक गोदाम को भी सील किया है। 30 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में इस मामले में आगे की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल 13 लोगों की मौतों को लेकर है। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने जहरीली शराब को मौतों की वजह बताया है, लेकिन पुलिस के अनुसार सभी मौतों का वास्तविक कारण अभी फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मृतकों के विसरा नमूने, बरामद शराब और अन्य साक्ष्य जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम भी गठित की है। फिलहाल पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क, सप्लाई चेन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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