मंजुलाबेन के अंगदान से 5 लोगों की जिंदगी बदलेगी
ब्रेनडेड महिला का अंगदान, 5 लोगों को मिलेगा नया जीवन
ब्रेनडेड महिला का अंगदान, 5 लोगों को मिलेगा नया जीवन
सूरत में मानवता की मिसाल पेश करते हुए 56 वर्षीय मंजुलाबेन कांतिभाई पटेल के परिवार ने उनके अंगदान का निर्णय लिया। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था। लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उपचार के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और 3 अक्टूबर को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने उनकी दोनों किडनी, लिवर और आंखें दान करने की सहमति दी।
मंजुलाबेन मूल रूप से सूरत के नघोई गांव की रहने वाली थीं और गृहिणी थीं। 1 अक्टूबर को वह अपने पति के साथ दोपहिया वाहन पर कवास गांव से नघोई लौट रही थीं। इसी दौरान भेसाण चौकड़ी के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लाइफलाइन मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में ब्रेन हेमरेज सामने आया। न्यूरोसर्जन डॉ. हरीन मोदी ने क्रेनियोटॉमी कर उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
परिवार की सहमति और डोनेट लाइफ संस्था के प्रयासों से अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। मंजुलाबेन की दोनों किडनी और लिवर से 3 जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है, जबकि उनकी आंखों के दान से 2 लोगों को नई रोशनी मिल सकती है। इस तरह एक परिवार के दुख की घड़ी में लिए गए इस मानवीय फैसले से कुल 5 लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। अंगदान की यह पहल समाज के लिए मानवता और संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
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