सूरत में श्रमिकों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, कलेक्टर कार्यालय के बाहर कई लोगों को हिरासत में लिया; रविवार की छुट्टी की मांग

Police Detain Workers During Protest Outside Surat Collector’s Office Over Weekly Sunday Holiday Demand

Oct 15, 2026 - 11:52
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सूरत में श्रमिकों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, कलेक्टर कार्यालय के बाहर कई लोगों को हिरासत में लिया; रविवार की छुट्टी की मांग

सूरत में श्रमिकों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, कलेक्टर कार्यालय के बाहर कई लोगों को हिरासत में लिया; रविवार की छुट्टी की मांग

सूरत में टेक्सटाइल और एम्ब्रॉयडरी उद्योग से जुड़े श्रमिकों का अपनी मांगों को लेकर विरोध एक बार फिर चर्चा में है। जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में श्रमिक एकत्र हुए और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी तथा काम के घंटे कम करने की मांग उठाई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ श्रमिकों को हिरासत में लिया। कुछ श्रमिक पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए मौके से भागते भी दिखाई दिए। हालांकि, करीब 70 लोगों की हिरासत से जुड़ी संख्या और कार्रवाई का आधिकारिक विवरण पुलिस की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।

श्रमिकों का कहना है कि उन्हें कई जगहों पर प्रतिदिन 12 घंटे तक काम करना पड़ता है और नियमित साप्ताहिक छुट्टी नहीं मिलती। उनकी प्रमुख मांगों में आठ घंटे की कार्य अवधि, रविवार को छुट्टी या छुट्टी के दिन काम करने पर अतिरिक्त भुगतान, समय पर वेतन तथा PF, ESI और ग्रेच्युटी जैसे श्रम लाभ शामिल हैं। श्रमिकों का तर्क है कि लगातार लंबे समय तक काम करने से उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ता है।

इस मुद्दे पर सूरत के एम्ब्रॉयडरी उद्योग में पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। श्रमिकों और यूनियनों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, उद्योग से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों ने रविवार की छुट्टी और आठ घंटे की शिफ्ट लागू करने को लेकर उत्पादन तथा कारोबार पर पड़ने वाले असर की चिंता जताई है। ऐसे में श्रमिकों की मांगों और उद्योग की व्यावहारिक समस्याओं के बीच समाधान निकालना प्रशासन के लिए अहम चुनौती बना हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और श्रमिकों को हिरासत में लिए जाने की खबर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर श्रम विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर है। श्रमिकों की मांग है कि श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए और उन्हें उचित आराम तथा वैधानिक सुविधाएं मिलें। मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की सही संख्या, उनकी स्थिति और पुलिस की कार्रवाई के कारणों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जानी चाहिए।

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