हरियाणा- कुख्यात गैंगस्टर का ढोल-नगाड़ों से स्वागत:बेटियों के नामकरण के लिए 5 घंटे की पैरोल; बंद कमरे में मुलाकात, हवन में नहीं बैठ पाया

Sep 21, 2026 - 20:58
 0  1
हरियाणा- कुख्यात गैंगस्टर का ढोल-नगाड़ों से स्वागत:बेटियों के नामकरण के लिए 5 घंटे की पैरोल; बंद कमरे में मुलाकात, हवन में नहीं बैठ पाया
सोनीपत का कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को 5 घंटे की कस्टडी पैरोल पर बाहर आया। सुरक्षा के लिए जठेड़ी गांव में करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह 11 बजे पुलिस वैन से उतरते ही संदीप ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया। ढोल-नगाड़ों से उसका स्वागत किया गया। वो जुड़वां बेटियों के जन्म के 80 दिन बाद हुई नामकरण रस्म में शामिल हुआ। पत्नी अनुराधा और बेटियों से मिलने वाले रूम को पहले ही खाली करा दिया गया था। चेकिंग के बाद संदीप और परिजनों को मिलने की अनुमति दी गई। हालांकि, संदीप को हवन में बैठने की इजाजत नहीं थी। कोर्ट ने उसे सिर्फ मुलाकात की अनुमति दी थी। बता दें, काला जठेड़ी पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में 30 से ज्यादा मामले दर्ज है। इनमें हत्या, फिरौती, रंगदारी, हत्या का प्रयास जैसे मामले शामिल हैं। काला जठेड़ी को 30 जुलाई 2021 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। तीन लेयर सुरक्षा घेरे में था काला जठेड़ी सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 40 और हरियाणा पुलिस के 60 जवान तैनात किए गए थे। घर में एंट्री के लिए थ्री लेयर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। काला जठेड़ी की एंट्री से पहले कमरा पूरी तरह खाली करवाया गया। इसके बाद उसे कमरे में प्रवेश दिया गया। कमरे में किसी अन्य व्यक्ति को आधार कार्ड की जांच और परिजनों की पहचान के बाद ही एंट्री दी गई। कमरे में अनुराधा, उनकी बेटियों और काला जठेड़ी को ही रुकने की इजाजत थी। परिवार से मिलने के बाद काला जठेड़ी को 5 घंटे बाद सवा चार बजे दिल्ली पुलिस अपने साथ तिहाड़ जेल ले गई। पत्नी बोली- 7 घंटे की परमिशन थी, 5 घंटे में लौटना पड़ा पत्नी अनुराधा के मुताबिक, संदीप को पहले 7 घंटे की परमिशन मिली थी, जिसे बाद में घटाकर 5 घंटे कर दिया गया। वह सुबह 11:15 बजे घर पहुंचा और शाम 4 बजे जेल लौट गया। बेटियों के साथ समय बिताया, नामकरण नहीं हो पाया संदीप परिवार से अलग कमरे में मिला और दोनों बेटियों के साथ समय बिताया। करीब 60 परिजन उससे मिले। हवन और नामकरण की रस्म नहीं हो सकी। बेटियों के नाम सुहाना और आहना रखे गए हैं, लेकिन विधिवत नामकरण के लिए दोबारा कोर्ट से परमिशन ली जाएगी। 1 जुलाई को दिया था जुड़वां बेटियों का जन्म अनुराधा ने 1 जुलाई को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसकी सीजेरियन डिलीवरी करानी पड़ी थी। इसी दिन काला जठेड़ी अपनी बेटियों को देखने के लिए 4 घंटे की कस्टडी पैरोल पर आया था। सुरक्षा कारणों के चलते कोर्ट ने अस्पताल का नाम सार्वजनिक नहीं करने का निर्देश दिया था। 2020 में जठेड़ी-अनुराधा की मुलाकात हुई अनुराधा चौधरी राजस्थान के सीकर की रहने वाली है। अनुराधा की भी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। वह कभी कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह से जुड़ी थी। आनंदपाल के ठेठ पहनावे को अनुराधा ने ही बदला था। यहां तक की उसे अंग्रेजी बोलना भी सिखाया। इसी के बदले आनंदपाल ने अनुराधा को AK-47 चलाना सिखाया। 27 जून, 2006 को बहुचर्चित जीवणराम गोदारा हत्याकांड के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद के अपहरण मामले में अनुराधा चौधरी का नाम आया था। साल 2016 में उसको जयपुर से गिरफ्तार किया था। अनुराधा चौधरी जब इस केस में दो साल की सजा काट रही थी तो साल 2017 में आनंदपाल सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद 2020 में वह काला जठेड़ी के संपर्क में आई थी। हालांकि, अनुराधा दावा करती है कि उसके सभी केस बंद हो चुके है। 12 मार्च 2024 को हुई जठेड़ी-अनुराधा की शादी काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की शादी 12 मार्च 2024 को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-3 स्थित संतोष गार्डन में हुई थी। शादी के लिए द्वारका कोर्ट ने जठेड़ी को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उसे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शादी समारोह में शामिल होना था। सुरक्षा कारणों से पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था और जठेड़ी को तिहाड़ की मंडोली जेल से पुलिस सुरक्षा में शादी स्थल तक लाया गया। कोर्ट ने अगले दिन गृह प्रवेश के लिए भी पैरोल की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में यह अनुमति वापस ले ली गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0