“भारत दुनिया के लिए तरक्की करता है, कभी क्रेडिट नहीं लेता”: ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोले PM मोदी

“India Works for the World’s Progress Without Seeking Credit”: PM Modi at Bloomberg New Economy Forum

Oct 13, 2026 - 16:31
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“भारत दुनिया के लिए तरक्की करता है, कभी क्रेडिट नहीं लेता”: ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोले PM मोदी

भारत दुनिया की तरक्की में योगदान देता है, श्रेय लेने में नहीं: ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी

फोरम में पीएम मोदी

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत की विकास यात्रा, वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने भारत की विकास सोच को दुनिया के साथ मिलकर आगे बढ़ने की भावना से जोड़ते हुए कहा कि भारत का उद्देश्य केवल अपनी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास में भी सकारात्मक योगदान देना है। भारत आज तकनीक, व्यापार, निवेश और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री के संदेश का प्रमुख भाव यह रहा कि भारत अपनी उपलब्धियों का श्रेय लेने से अधिक काम और परिणामों पर ध्यान देता है। देश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार, बुनियादी ढांचे का विकास, उद्यमिता को प्रोत्साहन और आर्थिक अवसरों को बढ़ाने जैसे प्रयासों को विकास की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। भारत का अनुभव यह भी दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और नए विचारों के माध्यम से आम नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में आर्थिक साझेदारी, निवेश और रोजगार सृजन महत्वपूर्ण विषय हैं। भारत विदेशी निवेश आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग से दूसरे देशों के साथ साझा विकास के रास्ते खुल सकते हैं। तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की प्राथमिकता अपनी आर्थिक क्षमता को मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को भी आगे बढ़ाना है।

कुल मिलाकर, इस संदेश को भारत की ऐसी विकास दृष्टि के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें राष्ट्रीय प्रगति और वैश्विक कल्याण को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना जाता है। भारत की आर्थिक यात्रा का महत्व केवल देश के भीतर होने वाले बदलावों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, तकनीकी सहयोग और विकास की नई संभावनाओं पर भी पड़ सकता है। हालांकि, शीर्षक में दिए गए कथन को प्रधानमंत्री का सटीक शब्दशः उद्धरण मानने से पहले फोरम के मूल भाषण या आधिकारिक प्रतिलेख से उसका मिलान करना आवश्यक है।

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