श्योपुर में चीता शावक की गोली मारकर हत्या का मामला: 25 संदिग्ध हिरासत में, दो अवैध भरमार बंदूकें बरामद

Cheetah Cub Killing in Sheopur: 25 Suspects Detained, Two Illegal Firearms Seized

Oct 31, 2026 - 11:53
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श्योपुर में चीता शावक की गोली मारकर हत्या का मामला: 25 संदिग्ध हिरासत में, दो अवैध भरमार बंदूकें बरामद

श्योपुर में चीता शावक की गोली मारकर हत्या का मामला: 25 संदिग्ध हिरासत में, दो अवैध भरमार बंदूकें बरामद

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में मादा चीता निर्वा के 19 महीने के नर शावक KNG22 की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस और वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दौरान श्योपुर के मढ़ा और नितनवास गांवों से 25 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो अवैध भरमार बंदूकें भी बरामद की गई हैं। इस घटना ने देश में चल रहे चीता पुनर्वास कार्यक्रम और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को श्योपुर के जंगल में चीता शावक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे तत्काल रेस्क्यू कर इलाज के लिए भेजा गया। विशेषज्ञों की देखरेख में जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में उसकी सर्जरी की गई, जहां शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। शावक KNG22 मादा चीता निर्वा की संतान था और उसे रेडियो कॉलर के जरिए ट्रैक किया जा रहा था। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष जांच टीम यानी STF गठित की है। वहीं केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अधिकारियों की टीम जांच के लिए भेजी है। दूसरी ओर, जांच के दौरान छह वनकर्मियों को कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित किए जाने की खबर भी सामने आई है। पुलिस और वन विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि चीते को गोली किसने मारी और बरामद हथियारों का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं। 

इस कार्रवाई के बीच मढ़ा गांव की कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम उनके घरों में पहुंची और पुरुष सदस्यों को अपने साथ ले गई। उन्होंने हिरासत में लिए गए परिजनों के बारे में जानकारी नहीं मिलने की शिकायत भी की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल जांच एजेंसियां संदिग्धों से पूछताछ, हथियारों की फॉरेंसिक जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। चीता शावक की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संरक्षित वन क्षेत्र से बाहर घूमने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

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