1 नवंबर से देश में लागू हुए 7 बड़े बदलाव: मोबाइल पर दिखेगा कॉलर का नाम, FASTag और बैंकिंग नियमों का भी असर
7 Major Changes Effective From November 1, 2026: Caller Name Display, FASTag, GST and Banking Rules
1 नवंबर से देश में लागू हुए 7 बड़े बदलाव: मोबाइल पर दिखेगा कॉलर का नाम, FASTag और बैंकिंग नियमों का भी असर
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ देश में आम नागरिकों, वाहन चालकों, कारोबारियों और पेंशनधारकों से जुड़े कई अहम बदलाव लागू हुए हैं। 1 नवंबर 2026 से मोबाइल कॉल पर कॉलर का नाम दिखाने वाली CNAP सेवा शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत 4G और 5G नेटवर्क पर आने वाली कॉल में नंबर के साथ टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम भी दिखाई देगा। वहीं, जिन लोगों ने नंबर अपने फोन में सेव किया है, उन्हें सेव किया हुआ नाम ही दिखेगा।
वाहन चालकों के लिए भी एक नई सुविधा शुरू हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक अब उस टोल प्लाजा के लिए रियायती सालाना FASTag लोकल पास ले सकेंगे। इसकी वार्षिक फीस टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार ₹1,500 या ₹3,000 होगी। इसके अलावा, तेल कंपनियां हर महीने की तरह 1 नवंबर को कमर्शियल LPG सिलेंडर और विमान ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए नए रेट का असर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारों पर पड़ सकता है।
तीसरा अहम बदलाव GST से जुड़ा है, जिसमें बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट, क्रेडिट नोट और कुछ रिफंड नियमों में संशोधन लागू हुए हैं। चौथा बदलाव पेंशनधारकों के लिए है—80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स 1 से 30 नवंबर के बीच अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। पांचवां बदलाव बैंकिंग क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक के कुछ क्रेडिट कार्ड शुल्कों से संबंधित है, जिनमें चुनिंदा कार्ड सेवाओं और बड़े यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क लागू हो सकते हैं। कार्डधारकों को अपने कार्ड की नई फीस सूची जरूर देखनी चाहिए।
छठा बदलाव म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, फंड हाउस के अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान को डिफॉल्ट विकल्प बनाने की व्यवस्था लागू की जा रही है; निवेशकों को रेगुलर प्लान चुनने पर उसकी लागत समझनी होगी। सातवां बदलाव आयकर रिटर्न से संबंधित है—जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट जरूरी है, उनके आकलन वर्ष 2026-27 के ITR दाखिल करने की समय-सीमा 21 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। हालांकि, ये सभी बदलाव हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होंगे; इसलिए मोबाइल यूजर्स, वाहन मालिकों, पेंशनर्स, निवेशकों और कारोबारियों को अपने ऊपर लागू नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
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